早发白帝城

zǎo fā bái dì chéng

Early Departure from White Emperor City

李白 (Li Bai) · Tang Dynasty · 701762

मूल पाठ

朝辞白帝彩云间,

zhāo cí bái dì cǎi yún jiān,

千里江陵一日还。

qiān lǐ jiāng líng yī rì huán.

两岸猿声啼不住,

liǎng àn yuán shēng tí bú zhù,

轻舟已过万重山。

qīng zhōu yǐ guò wàn chóng shān.

Translation (Hindi)

सुबह के समय मैं रंगीन बादलों के बीच से सफेद सम्राट शहर से निकलता हूँ; एक हजार मील की यात्रा के बाद, मैं एक ही दिन में लौटूंगा। दोनों किनारों से, बंदरों की चीखें कभी खत्म नहीं होतीं — मेरी हल्की नाव पहले ही दस हजार पहाड़ों को पार कर चुकी है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

ली बाई ने यह कविता 759 ईस्वी में निर्वासन से मुक्त होने के बाद लिखी थी। उन्हें राजनीतिक विद्रोह में शामिल होने के लिए दूर के गुइझोउ में निर्वासित किया गया था, लेकिन जब वह नदी के ऊपर यात्रा कर रहे थे, तब एक आम माफी की घोषणा की गई। यह कविता उनके आनंद को दर्शाती है जब वह यांग्त्ज़ी नदी के तीन घाटियों के माध्यम से नीचे की ओर दौड़ते हैं। उत्साह स्पष्ट है।

साहित्यिक विश्लेषण

कविता गति और खुशी से भरी हुई है। "रंगीन बादल" प्रस्थान को सुंदरता में ढालते हैं; "एक दिन में एक हजार मील" सांस रोकने वाली गति को व्यक्त करता है। बंदरों की चीखें — चीनी कविता में दुःख का पारंपरिक प्रतीक — यहाँ बदल जाती हैं: वे उन्हें धीमा नहीं कर सकते। अंतिम पंक्ति का भूतकाल ("पहले ही पार कर चुकी है") एक सहजता का अनुभव पैदा करता है, जैसे पहाड़ हमारे देखने के दौरान उड़ गए हों। यह ली बाई का सबसे खुशहाल रूप है।

रूप

Seven-character Quatrain (七言绝句)

थीम

Nature & Landscape

के बारे में Li Bai (李白)

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