山行
Shān Xíng
पर्वत पर चढ़ाई
杜牧 (दु म्यू) · तांग वंश · 803–852
मूल पाठ
远上寒山石径斜,
yuǎn shàng hán shān shí jìng xié,
白云生处有人家。
bái yún shēng chù yǒu rén jiā.
停车坐爱枫林晚,
tíng chē zuò ài fēng lín wǎn,
霜叶红于二月花。
shuāng yè hóng yú èr yuè huā.
अनुवाद (Hindi)
ठंडी पर्वत पर दूर, पत्थर का रास्ता मुड़ता है; जहाँ सफेद बादल उठते हैं, वहाँ घर हैं। मैं अपनी गाड़ी रोकता हूँ, सांझ में मेपल के जंगल से मंत्रमुग्ध — ठंढ से छूटी पत्तियाँ फरवरी के फूलों से अधिक लाल हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
यह कविता एक शरद यात्रा के दौरान लिखी गई, यह डू मू की पर्वत पथ पर यात्रा को कैद करती है। डू मू, जिन्हें डू फू ("पुराना डू") से अलग करने के लिए "छोटा डू" (小杜) कहा जाता है, अपनी सुरुचिपूर्ण और जीवंत चौकड़ों के लिए प्रसिद्ध थे। यह कविता शरद परिदृश्य के बारे में सबसे प्रमुख चीनी कविता बन गई है।
साहित्यिक विश्लेषण
सिर्फ चार पंक्तियों में, डू मू एक संपूर्ण यात्रा बनाते हैं: मुड़ता हुआ रास्ता, बादलों में दूर के घर, अचानक रुकना, और सांस रोक देने वाला रहस्योद्घाटन। अंतिम पंक्ति कविता की प्रतिभा का स्ट्रोक है - शरद के लाल मेपल की पत्तियों की तुलना वसंत के फूलों से करना, चीनी काव्य परंपरा को उलटते हुए जो आमतौर पर शरद का शोक करती है और वसंत का जश्न मनाती है। शब्द "坐" (zuò, "क्योंकि") इसके समान ध्वनि वाले अर्थ "बैठना" के बजाय दिखाता है कि कवि रुकने के लिए मजबूर है, आराम करने का चुनाव नहीं कर रहा।
रूप
सात-अक्षरी चतुष्पद (七言绝句)
थीम
Seasons & Time