春晓
chūn xiǎo
Spring Morning
孟浩然 (Meng Haoran) · Tang Dynasty · 689–740
मूल पाठ
春眠不觉晓,
chūn mián bù jué xiǎo,
处处闻啼鸟。
chù chù wén tí niǎo.
夜来风雨声,
yè lái fēng yǔ shēng,
花落知多少。
huā luò zhī duō shǎo.
Translation (Hindi)
बसंत की नींद में, सुबह अनजान तरीके से आती है — हर जगह मैं पक्षियों की चहचहाहट सुनता हूँ। पिछले रात हवा और बारिश की आवाज आई; कौन जानता है कितने फूल गिर गए हैं?
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
यह धोखा देने वाली सरल कविता उन पहली कविताओं में से एक है जो चीनी बच्चे सीखते हैं। मेंग हाओरान बसंत की सुबह देर तक सोने के सुस्त आनंद को पकड़ते हैं, फिर रात भर की बारिश से गिराए गए फूलों के बारे में सोचते हुए हल्की उदासी में बदल जाते हैं। यह कविता 8वीं सदी की शुरुआत की है।
साहित्यिक विश्लेषण
कविता इंद्रियों के माध्यम से चलती है: पहले स्पर्श (बिस्तर की गर्मी), फिर सुनना (पक्षियों का गाना, फिर बारिश की याद की गई आवाजें), और अंततः कल्पना (गिरे हुए फूल)। अंतिम प्रश्न खुला है — कवि उठकर जांच नहीं करता, जिससे सुंदरता की हानि एक स्थायी विचार के रूप में रह जाती है। आराम और अस्थिरता के बीच यह अंतःक्रिया चीनी सौंदर्य संवेदनशीलता में विशिष्ट है।
रूप
Five-character Quatrain (五言绝句)
थीम
Seasons & Time