凉州词
Liáng Zhōu Cí
Song of Liangzhou
王之涣 (Wang Zhihuan) · Tang Dynasty · 688–742
मूल पाठ
黄河远上白云间,
huáng hé yuǎn shàng bái yún jiān,
一片孤城万仞山。
yī piàn gū chéng wàn rèn shān.
羌笛何须怨杨柳,
qiāng dí hé xū yuàn yáng liǔ,
春风不度玉门关。
chūn fēng bù dù yù mén guān.
Translation (Hindi)
पीला नदी सफेद बादलों में दूर तक उठती है; एक अकेला किला शहर दस हजार फीट ऊंचे पहाड़ों के बीच खड़ा है। क्यूआंग बांसुरी को विलो के बारे में क्यों शिकायत करनी चाहिए? वसंत की हवा कभी जेड गेट पास को पार नहीं करती।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
तांग राजवंश की सबसे महान सीमा कविताओं में से एक (边塞诗)। वांग झीहुआन ने इसे उत्तर-पश्चिमी सीमा पर तैनात रहते हुए लिखा। लियांगझौ (आधुनिक वूवेई, गांसु) सिल्क रोड पर एक सीमा गार्जियन शहर था। जेड गेट पास (यूमेन गुआन) चीनी साम्राज्य की पश्चिमी सीमा को चिह्नित करता था, जिसके पार मध्य एशिया का विशाल रेगिस्तान था।
साहित्यिक विश्लेषण
कविता सबसे भव्य संभव चित्र से शुरू होती है — पीला नदी बादलों में ऊपर की ओर बहती हुई — और एक सैनिक की बांसुरी की अंतरंग ध्वनि तक जाती है। तीसरी पंक्ति में "विलो" लोक गीत "ब्रेकिंग विलो" (折杨柳) का संदर्भ देती है, जिसे पार्थिव विदाई पर पारंपरिक रूप से बजाया जाता है, क्योंकि यात्री विदाई उपहार के रूप में विलो की शाखाएँ तोड़ते थे। अंतिम पंक्ति अपनी सरलता में विनाशकारी है: वसंत की हवा (गर्मी, सभ्यता, घर) वास्तव में इस स्थान तक नहीं पहुँच सकती जो पास के पार है। यह सीमा सैनिकों की अकेलेपन को एक ऐसे तरीके से व्यक्त करती है जो इसे और भी शक्तिशाली बनाता है।
रूप
Seven-character Quatrain (七言绝句)
थीम
War & Frontier