回乡偶书
huí xiāng ǒu shū
Returning Home — An Impromptu Verse
贺知章 (He Zhizhang) · Tang Dynasty · 659–744
मूल पाठ
少小离家老大回,
shào xiǎo lí jiā lǎo dà huí,
乡音无改鬓毛衰。
xiāng yīn wú gǎi bìn máo shuāi.
儿童相见不相识,
ér tóng xiāng jiàn bù xiāng shí,
笑问客从何处来。
xiào wèn kè cóng hé chù lái.
Translation (Hindi)
मैं युवा अवस्था में घर छोड़ता हूँ और बूढ़ा होकर लौटता हूँ — मेरी स्थानीय बोली अपरिवर्तित है, लेकिन मेरे मंदिर के बाल पतले हो गए हैं। गाँव के बच्चे मुझे देखते हैं लेकिन पहचानते नहीं; मुस्कुराते हुए, वे पूछते हैं: "यात्री, आप कहाँ से आए हैं?"
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
हे झिज़ांग ने यह कविता अपने गृहनगर योंगजिंग (आधुनिक झेजियांग) में 50 वर्षों से अधिक समय तक चांगआन में एक अधिकारी के रूप में सेवा करने के बाद लौटने पर लिखी। 86 वर्ष की आयु में, उन्होंने अंततः सेवानिवृत्त होकर घर लौटने का निर्णय लिया, केवल यह जानने के लिए कि कोई भी उन्हें पहचान नहीं रहा था। अपने ही गृहनगर में अजनबी होने का कड़वा-मीठा हास्य चीनी संस्कृति में गहराई से गूंजता है।
साहित्यिक विश्लेषण
कविता का भावनात्मक प्रभाव पहचान और मान्यता के बीच के अंतर से आता है। कवि जानता है कि वह कौन है — उसकी बोली नहीं बदली है — लेकिन समय ने उसे पहचानने के योग्य नहीं छोड़ा। बच्चों का मासूम सवाल विनाशकारी है क्योंकि यह खुशमिजाज है: वे एक दोस्ताना यात्री को देखते हैं, न कि एक लौटने वाले स्वदेशी को। कविता जीवन की सबसे क्रूर विडंबनाओं में से एक को पकड़ती है: आप घर जा सकते हैं, लेकिन घर आपको अब पहचान नहीं सकता।
रूप
Seven-character Quatrain (七言绝句)
थीम
Homesickness & Longing